रेकी के द्वारा आनंदमय जीवन

रेकी का परिचय

रेकी एक वैकल्पिक और प्राकृतिक चिकित्सा विधि है। यह एक जापानी शब्द है, जिसका अर्थ होता है जीवन शक्ति-प्राण शक्ति। यह शक्ति हम सभी लोगों के पास होती है और हमारा जीवन इस शक्ति पर ही चलता है। रेकी एक सार्वभौमिक ऊर्जा है। इस शब्द का उच्चारण 'रे' और 'की' से किया जाता है। 'रे' का अर्थ 'सार्वभौमिक' (Universal) और 'की' का अर्थ 'ऊर्जा’ (Energy) है। रेकी एक उपचार पद्धति है जिसके द्वारा आदमी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होता है। इस तकनीक के अनुसार प्रत्येक आदमी के अंदर एक प्राण चक्र होता है और पूरा जीवन इसी पर चलता है। बच्चे के जन्म के बाद धीमे धीमे उसकी प्राण चक्रों की शक्ति का विकास होने लगता है एवं एक उम्र के बाद हमारी कमजोर जीवन शेली से ये चक्र कमजोर पड़ने लगते हैं एवं अनेक मानसिक और शारीरिक बिमारियों को जन्म देने लगते हैं | रेकी के उपचार से फिर से इन प्राण चक्रों को संतुलित कर इंसान को मानसिक और शारीरिक स्तर पर मजबूत बनाया जा सकता है |.


रेकी चिकित्सा का विकास

रेकी तकनीक द्वारा शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। रेकी तकनीक द्वारा कई रोगों का इलाज आदमी अपने-आप कर सकता है। इस चिकित्सा पद्धति का विकास उन्नीसवीं शताब्दी में जापान में हुआ था। भारत में यह चिकित्सा पद्धति बीसवी सदी में आयी। शारीरिक एवं भावनात्मक रूप से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आपके शरीर में इस उर्जा को संतुलित रूप से बंटा रहना चाहिए। किसी भी कारण से इस उर्जा के प्रवाह में बाधा आने से आपका शरीर कई बीमारियों का शिकार होने लगता है। साथ ही व्यक्ति के नकारात्मक विचार द्वारा यह शक्ति कम होती है।.

प्राय: रेकी उपचार में हाथों की हथेलियों से छूकर उपचार किया जाता है इसलिए यह पद्धति स्पर्श चिकित्सा की श्रेणी में आती है। रेकी उपचारक के हाथों की दोनों हथेलियों से रेकी ऊर्जा प्रवाहित होती है, जो छूने पर स्वयं उसको या दूसरे व्यक्ति को उपचार में सहायता पहुंचाती है। रेकी उपचार से समस्त शारीरिक एवं मानसिक रोगों में जैसे अनिद्रा, थकान, सिरदर्द, डिप्रेशन इत्यादि में फायदा पहुंचता है। अन्य स्तिथि में रेकी का उपचार बिना हाँथ छुए एवं दूरी से भी किया जा सकता है |


रेकी एक आध्यात्मिक प्रक्रिया

रेकी उच्च आवृत्ति (हाई फ्रीक्वेंसी) की उर्जा या प्राण के साथ किसी भी स्तर की समस्या का उपचार करता है। यह कोई धार्मिक प्रक्रिया नहीं बल्कि आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो ब्रह्मांड (प्रकृति) के सबसे शक्तिशाली शक्ति परमेश्वर के साथ जोड़ती है। रेकी की चिकित्सा में उपचार हाथों द्वारा किया जाता है लेकिन कुछ खास परिस्थतियों में दूर से कुछ चिन्ह या मंत्र द्वारा किया जा सकता है।


आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की सहयोगी

रेकी आपके भीतर के अंतर्ज्ञान और मानसिक क्षमताओं को बढाता है और आपकी सभी इन्द्रियां ठीक से काम करने लगती हैं। रेकी सीखना इतना सरल है कि इसे कोई भी सीख सकता है, यहां तक की रोग उपचार करने की इस विधि को बच्चे भी सीख सकते हैं। साथ ही सबके लिए सुरक्षित भी है। हालांकि इस पद्धति को चिकित्सा विज्ञान का विकल्प नहीं समझाना चाहिए, परन्तु यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का सहयोग अवश्य करता है।


रेकी हीलिंग के लाभ

रेकी मूलतः एक ऐसी तकनीक है जो आपके दिमाग को तनाव से मुक्ति दिलाता है, मन हल्का करता है और आपकी भावनाओं को मजबूत करता है। प्राकृतिक रूप से आपके शरीर के सारे दोषों को दूर करता है। शरीर के विषैले पदार्थ को बाहर निकलता है। अगर आपका किसी और चिकित्सा पद्धति से इलाज चल रहा है तो उसमें सहयोग करता है। यह दवा या कीमोथेरपी के कुप्रभाव को कम करता है। शरीर की उर्जा और आपकी क्षमता में वृद्धि करता है। रक्त संचार की प्रक्रिया को ठीक रखता है। कई चक्रों के माध्यम से यह आपको हर तरह से अच्छा होने का एहसास दिलाता है। रेकी की मदद से आप अपने प्रियजनों को, पालतू जानवरों को, पेड़ पौधों को ठीक कर सकते हैं; यहां तक कि रिश्तों को भी मजबूत बना सकते हैं।


रेकी तनाव कम करती है

रेकी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह तनाव के स्तर को कम करती है। और आपको आराम महसूस होता है दरअसल, ये जापानी ऐनर्जी हीलिंग थेरेपी आपके शरीर को शांत करने और तनाव को कम करने के लिए तैयार की गई है। आप रेकी का पहला स्तर (लेवल-१ ) पर ही इसका ये फायदा तुरंत पा लेते हैं।


रेकी मनोदशा बदलती है

मनोदशा या मूड बदलना काफी हद तक उदासी और चिंता से जुड़ा हुआ है। रेकी से मूड पूरी तरह बदला जा सकता है। इसके फायदे नकारात्मक मनोदशा वाले लोगों को अधिक होते हैं। जब एक बार आपकी मनोदशा बेहतर होने लगती है तो आपकी चिंताएं भी दूर होने लगती हैं। साथ ही साथ, आपका गुस्सा और चिड़चिड़ापन दूर करने में भी रेकी उपचार से मदद मिलती है।


शारीरिक रोगों में राहत

भावनात्मक और मानसिक लाभ के अलावा, रेकी उपचार से शारीरिक लाभ भी प्राप्त होते हैं। बहुत सारे लोगों ने अपनी शारीरिक समस्याओं से निपटने के लिए कई अन्य वैकल्पिक चिकित्साओं का सहारा लिया, अंत में उन्हें रेकी से ही संपूर्ण फायदा मिला। शरीर में जीवन ऊर्जा के बढ़ जाने से इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूती मिलती है और शरीर के बहुत सारे अंगों में संतुलन बनता है। थकान, कमर दर्द, सिरदर्द, गठिया, दमा, अनिद्रा, और मासिक धर्म एवं रजोनिवृत्ति के से जुड़े लक्षणों, एवं अन्य कई शारीरिक व्याधियों में रेकी से लाभ मिलता है।


हर उम्र के लिए लाभकारी

किसी भी शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक समस्या के उपचार के लिए रेकी सब लोगों के लिए हर जगह उपलब्ध है। नवजात से लेकर बुजुर्ग तक, हर उम्र के लोग रेकी उपचार का लाभ उठा सकते हैं। यहां तक कि पालतु जानवरों एवं पेड पोधों को भी रेकी से फायदा पहुंचता है, बिल्कुल उसी तरह जिस तरह इंसानों को। इसके साथ ही, रेकी का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता।


भविष्य की समस्याओं से बचाव

हालांकि रेकी का इस्तेमाल वर्तमान की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है। लेकिन, रेकी से अतीत के ऐसे दुखों या समस्याओं का समाधान भी किया जा सकता है जो आपके विकास में बाधा डाल रही हो या आपके शरीर, मन और आत्मा को प्रभावित कर रही हो। जैसे आपके किसी नजदीकी व्यक्ति का निधन, या किसी घनिष्ठ मित्र से दूरी, या पुराने रिश्तों की कडवाहट इत्यादि | रेकी का उपचार का ये रूप भविष्य में होने वाली समस्याओं का बचाव भी कर सकता है। रेकी के सारे स्तर का अनुभव कर चुके उपचारकों ने ये माना है कि रेकी से भविष्य में आने वाली समस्याओं का बचाव मुमकिन है।


कैंसर से जुड़े लक्षणों से बचाव

रेकी, या कोई और मानसिक-शारीरिक थैरेपी कैंसर का इलाज नहीं कर सकती। लेकिन, वो उससे जुड़े लक्षणों का इलाज कर सकती है। कैंसर से जुड़े लक्षण, जैसे कि डिप्रेशन, दर्द और थकान, इनके लिए रेकी फायदेमंद होती है। इसी तरह रेकी से अस्थमा व जोड़ों का दर्द में भी राहत महसूस की जा सकती है।


भावनात्मक स्वष्टता और आध्यात्मिक विकास

रेकी सिर्फ शारीरिक नहीं, भावनात्मक उपचार भी है। रेकी का एक सबसे बड़ा प्रभाव ये है कि ये आपकी प्यार करने की क्षमता बढ़ाती है, इससे आप लोगों के साथ गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं। ये आपके रिश्ते को मजबूत बना सकती है। रेकी आंतरिक शांति पैदा करती है, जो कि आध्यात्मिक विकास के लिए जरूरी है। ये आपकी आत्मा एवं भावनाओं को शुद्ध बनाती है। रेकी तकनीक द्वारा शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। रेकी तकनीक द्वारा कई रोगों का इलाज आदमी अपने-आप कर सकता है। रेकी की चिकित्सा में उपचार हाथों द्वारा किया जाता है लेकिन कुछ खास परिस्थतियों में दूर से कुछ चिन्ह या मंत्र द्वारा भी किया जा सकता है।


रेकी हीलिंग के प्रकार

रेकी हीलिंग दो प्रकार की होती है- स्पर्श हीलिंग और डिस्टेंस हीलिंग। रेकी तकनीक का प्रयोग किसी साफ और हवादार कमरे में करना चाहिए। रेकी लेने वाले व्यक्ति को ढीले कपडे पहनने चाहिए जिससे स्थिति आरामदायक हो। रेकी तकनीक से आमतौर पर तीन दिन तक उपचार किया जाना उपयुक्त है। लेकिन रोग पुराना हो तो विशेष परिस्थितियों 21 दिन या इससे भी अधिक दिनों तक उपचार किया जा सकता है।


स्पर्श हीलिंग

इस विधि में हाथ के स्पर्श द्वारा रोग का इलाज किया जाता है इसलिए इसे स्पर्श चिकित्सा पद्धति भी कहा जाता है। रेकी तकनीक से उपचार करने वाला व्यक्ति जब रेकी का आवाहन करता है तोह उसकी हथेलियों से रेकी की उर्जा का प्रवाह शुरू हो जाता इस फिर रेकी देने वाला इस उर्जा से सामने वाले व्यक्ति को रेकी देकर उसका उपचार करता है। रेकी तकनीक से उपचार में किसी एक स्थिति में हथेलियों को कम-से-कम तीन मिनट तक रखा जाता है और इसके बाद अगली स्थिति पर हथेलियों को लाया जाता है।


डिस्टेंस हीलिंग

डिस्टेंस हीलिंग चिकित्सा किसी भी समय और स्थान पर की जा सकती है, और रोगी को चिकित्सा करने वाले के पास होने की जरूरत होनी की जरूरत नहीं होता- वह दुनिया के किसी भी हिस्से में हो सकता है। इस प्रक्रिया के लिए, चिकित्सक आमतौर पर उपचार की सहायता के लिए नाम, उम्र, फोटो आदि जैसे, रोगी के कुछ विवरण मांगता है। डिस्टेंस हीलिंग चिकित्सा, स्पर्श चिकित्सा की तरह ही शक्तिशाली होती है।


रेकी के चरण

रेकी तीन चरणों में सीखा जाता है लेकिन कई प्रशिक्षण संस्थाएं चार या उससे ज्यादा चरणों में भी इसे सिखाती हैं। रेकी के अलग अलग संस्थाओं का इन सिद्धांतों पर अलग अलग मत हो सकता है, लेकिन हर संगठन लगभग ऐसे ही विचारों के आधार पर चलता है। अगर कोई व्यक्ति रेकी सीखना चाहता है तो निम्न तीन चरणों में किसी प्रशिक्षक द्वारा इसे सीखा जाता है। इसे सीखने के बाद छात्र भी कुछ महीनों तक इसका अभ्यास करना पड़ता है।


रेकी का पहला चरण (LEVEL 1)

शुरुआत में, रेकी सीखने के प्रशिक्षण के दौरान पहला पूरा दिन लग सकता है। शुरुआत में प्रशिक्षक छात्रों को रेकी के इतिहास के बारे में बताता और एक बार हाथों से अभ्यास करवाकर दिखाता है। साथ ही यह भी बताया जाता है कि शरीर के भिन्न-भिन्न हिस्सों पर हाथ रखने से क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं। पहले चरण के बाद छात्र आत्म-चिकित्सा का अभ्यास करने के अलावा हाथों से दूसरों का भी उपचार शुरू कर सकते हैं। इस चरण में रेकी का एक चिन्ह भी छात्र को सिखाया जाता है|


रेकी का दूसरा चरण (LEVEL 2)

रेकी का पहला चरण पूरा करने के बाद दूसरे चरण में प्रशिक्षक कुछ और बातें सिखलाता है। ताकी छात्र दूर से भी किसी रोगी का उपचार कर सकें। इसके लिए उन्हें कुछ खास प्रतीकों एवं चिन्हों के बारे में जानकारी दी जाती है। रेकी के दूसरे चरण के प्रशिक्षण के बाद छात्र प्रतीकों एवं चिन्हों के माध्यम से दूर से भी किसी के रोग का निदान करने में सक्षम हो जाते हैं। रेकी से वर्तमान दुख के साथ पुराने दुख-तकलीफ भी कम या पूरी तरह से खत्म किये जाते हैं। इससे भविष्य में होने वाले दुखों से भी बचाव किया जाता है।


रेकी का तीसरा चरण (LEVEL 3)

इस चरण में छात्र रेकी में इतनी महारत हासिल कर लेता है कि वह दूसरों को रेकी सिखला सके। रेकी के दो स्तर में सफलता प्राप्त करने के बाद, जब छात्र कुशलतापूर्वक रोगियों का उपचार करने लगता है तब उसे रेकी का तीसरा स्तर सिखाया जाता है। तीसरे स्तर की रेकी चिकित्सा दूर से इलाज करने एवं निर्जीव चीजों के उपचार में भी काफी फायदेमंद होती है। रेकी हीलिंग शायद ही कभी मुफ्त दी जाती है, क्योकि अधिकांश चिकित्सकों का मानना है कि मुफ्त चीज कभी मूल्यवान नहीं होती है। रेकी की कीमत चिकित्सक से चिकित्सक और जगह से जगह, के हिसाब से बदलती हैं। लेकिन कुछ चिकित्सक कभी-कभी मुक्त चिकित्सा शिविरों का आयोजन करते हैं|